Canada On Amritpal Singh Action: खालिस्तान-समर्थकों के उत्पात से निपटने और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के खिलाफ शुरू किए गए पुलिस के अभियान का खालिस्तान-समर्थकों में कनाडा तक खौफ है. कनाडा में खालिस्तान-समर्थक खासा तादाद में बताए जाते हैं, और वहां भारत विरोधी गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है. कनाडा की सरकार ने एक तरफ तो भारत सरकार को यह आश्वासन दिया है कि वे अपने यहां हुई हरकतों से उचित ढंग से निपट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब में चल रही पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर बयान दिया है.
कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा है कि वे पंजाब के घटनाक्रमों पर “काफी करीबी” से नजर रख रहे हैं और समुदाय (कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के लोगों) की चिंताओं को दूर करना जारी रखेंगे. जोली ने यह बात गुरुवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में इंडो-कनाडाई सांसद इकविंदर एस. गहीर के एक सवाल का जवाब देते वक्त कही. उन्होंने कहा, “हम पंजाब में उभरती स्थिति से वाकिफ हैं और हम इस पर करीबी नजर रख रहे हैं. हम और अधिक स्थिर स्थिति की ओर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं.”
अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के अभियान के टोरंटो तक चर्चे
इंडो-कनाडाई सांसद इकविंदर गहीर ने कहा था, “कनाडाई यह सुनिश्चित करने के लिए कनाडा सरकार पर भरोसा कर सकते हैं कि वे समुदाय के लोगों की चिंताओं को दूर करना जारी रखेंगे.” गहीर ने कहा कि उन्होंने पंजाब में बड़े पैमाने पर इंटरनेट सेवाओं के निलंबन के बारे में सुना है और जोली से भारत की स्थिति के बारे में सदन को अपडेट करने के लिए कहा है. गहीर का यह बयान पंजाब में पुलिस के एक्शन के विरोध में उड़ी अफवाहों के बीच आया, जिसके जवाब में कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने यह बात कही कि उनकी सरकार पंजाब के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रही है.
ट्रूडो सरकार ने भारत में चल रहे अभियान पर दिया बयान
विदेश मंत्री जोली से पहले बुधवार को कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो का बयान भी आया था, उन्होंने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा था: “हम अधिक स्थिर स्थिति में तेजी से वापसी की उम्मीद कर रहे हैं.” उन्होंने कहा था कि वे भारत की चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, वे पूरा सहयोग करेंगे.
पश्चिमी देशों में बढ़ीं भारत-विरोधी गतिविधियां
बता दें कि खालिस्तान-समर्थकों ने कनाडा और ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देशों में भारत के खिलाफ उपद्रव किए हैं. कनाडा में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया है. जिसके बाद भारत की ओर से कनाडाई सरकार को खालिस्तान के नाम पर उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया था.
हिंदू मंदिरों पर किया उपद्रव और तोड़-फोड़
कनाडा में हाल ही में खालिस्तान समर्थकों की भारत विरोधी गतिविधियों में वृद्धि हुई है, जिन्होंने वहां कुछ हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की है. मिसिसॉगा में ‘खालिस्तानी चरमपंथियों’ द्वारा एक राम मंदिर को भारत विरोधी भित्तिचित्रों से रंग दिया गया था. जिसकी टोरंटो में भारतीय वाणिज्य दूतावास से कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई थी. टोरंटो में भारत के वाणिज्य दूतावास ने ट्वीट किया, “हम मिसिसॉगा में राम मंदिर से की गई छेड़डाड़ की कड़ी निंदा करते हैं. हमने कनाडा के अधिकारियों से इस घटना की जांच करने और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.”
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा- अफवाहों पर यकीन न करें
अमृतपाल सिंह के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई पर विदेशी नेताओं और सांसदों की टिप्पणियों के जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अफवाहों पर यकीन न करें. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने विदेश में रहने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे “गलत और झूठे दावों” पर विश्वास न करें जो सोशल मीडिया पर कुछ तत्वों द्वारा प्रसारित किए जा रहे हैं. प्रवक्ता ने नई दिल्ली में कहा, “पंजाब में अधिकारी एक भगोड़े को पकड़ने के लिए अभियान चला रहे हैं. संबंधित अधिकारियों द्वारा उस अभियान के बारे में जानकारी नियमित रूप से साझा की जा रही है.”
अभी गिरफ्त में नहीं आया अमृतपाल सिंह
बता दें कि कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाले ‘वारिस पंजाब दे’ के तत्वों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के चलते पंजाब में अधिकारियों ने पिछले हफ्ते राज्य में इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं पर बैन लगाया. पंजाब में पुलिस अभी भी अमृतपाल सिंह की तलाश कर रही है.
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