दिल्ली में कोरोनावायरस ने एक बार फिर डरा दिया है. राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण दर की संख्या में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है. रविवार को कोरोना के 153 नए मामले सामने आए और डेली पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 9.13 प्रतिशत हो गई है. इससे पहले शनिवार तक डेली पॉजिटिविटी रेट 4.98 प्रतिशत थी और 139 नए केस दर्ज किए गए थे.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा के मुताबिक, कोरोना के लगातार मरीज मिल रहे हैं. शुक्रवार को डेली पॉजिटिविटी रेट 6.66 प्रतिशत था और 152 मरीज थे. गुरुवार को 117 केस आए थे और 4.95 प्रतिशत डेली पॉजिटिविटी रेट रिकॉर्ड किया गया था. दिल्ली में बुधवार को पॉजिटिविटी रेट 5.08 प्रतिशत था और 84 कोरोनावायरस केस मिले थे. इसी तरह मंगलवार को 5.83 पॉजिटिविटी रेट था और 83 मामले दर्ज गए किए थे.
अक्टूबर के बाद तीन अंकों में मिल रहे कोरोना मरीज
दिल्ली में पिछले कुछ महीनों में नए केसों की संख्या में गिरावट देखी गई थी. 16 जनवरी को कोई केस नहीं आया था. यहां पिछले अक्टूबर में तीन अंकों की संख्या में केस दर्ज किए गए थे. देश में H3N2 इन्फ्लूएंजा के मामलों में तेजी से वृद्धि के बीच दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में नए कोरोना केसों की संख्या में वृद्धि देखी गई है.
दिल्ली में 39 मरीज अस्पतालों में भर्ती
फिलहाल, राष्ट्रीय राजधानी की COVID-19 टैली बढ़कर 20,08,732 हो गई है, जबकि मरने वालों की संख्या 26,524 है. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि शनिवार को 1,675 टेस्ट किए गए. कोरोना को लेकर 7,984 बेड रिजर्व हैं. अभी 39 मरीज अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं. जबकि 340 मरीज होम आइसोलेशन में हैं. दिल्ली में एक्टिव केसों की संख्या वर्तमान में 528 है.
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‘जरूर लगवाएं बूस्टर डोज…’
हाल के दिनों में दिल्ली में COVID-19 मामलों में बढ़ोतरी होने पर डॉक्टर्स ने अलर्ट जारी किया है. चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का नया XBB.1.16 वैरिएंट मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी कर सकता है, लेकिन घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. लोगों को नियमों का पालन करना चाहिए. बूस्टर डोज जरूर लेना चाहिए.
इन्फ्लूएंजा को लेकर सावधानी बरतने की अपील
वहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पिछले हफ्ते कहा था कि शहर के अस्पतालों में इन्फ्लूएंजा के ज्यादा मामले नहीं हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने कहा है कि इन्फ्लूएंजा के मामलों में वैरिएंट H3N2 वायरस के कारण होती है. H3N2 वायरस अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा घातक होता है, जिसकी वजह से अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ जाती है. इसके लक्षणों में नाक बहना, लगातार खांसी और बुखार शामिल हैं.
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LNGP में किया गया मॉक ड्रिल
बताते चलें कि देश में पिछले पांच महीनों में सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज मिल रहे हैं. ऐसे में रविवार को लोक नायक अस्पताल (एलएनजेपी) में कोरोना को लेकर मॉक ड्रिल की गई. इसमें स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और ऑक्सीजन की उपलब्धता को परखा गया. लोक नायक अस्पताल के एमडी डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि यहां कोरोना के लिए 450 बेड रिजर्व हैं. 5 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और डी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर रिजर्व हैं.
दरअसल, दिल्ली सरकार ने मॉक ड्रिल के संबंध में आदेश दिया है. इसमें सभी अस्पतालों के एमएस/एमडी और सीडीएमओ से कहा गया था कि रविवार को स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और ऑक्सीजन की उपलब्धता समेत रसद की तैयारियों की जांच के लिए मॉक ड्रिल आयोजित करें. ताकि किसी भी स्थिति और चुनौती से निपटा जा सके.
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